Saturday, October 06, 2007

माँ

माँ का रिश्ता दुनिया का सबसे खूबसूरत रिश्ता है, इस रिश्ते पर कई गीत लिखे गये है् कुछ मेरे पसंदीदा गीत -

सचिन दा का गाया ये गीत



मलकीत सिंह का गाया ये गीत विदेश में रहने वालों को रुला देता है


और जगजीत जी के अलबम Cry for Cry से सिजा राय का गाया ये

माँ सुनाओ मुझे वो कहानी
जिस में राजा ना हो ना हो रानी

जो हमारी तुम्हारी कथा हो
जो सभी के ह्रदय की व्यथा हो

गंध जिस में भरी हो धरा की
बात जिस में ना हो अप्सरा की
हो ना परियां जहां आसमानी

वो कहानी जो हंसना सिखा दे
पेट की भूख को जो भुला दे

जिस में सच की भरी चांदनी को
जिस में उम्मीद की रोशनी हो
जिस में ना हो कहानी पुरानी!

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सागरभाई ने इस पोस्ट पर माँ को समर्पित एक और बेहतरीन गीत सुनवाया, धन्यवाद सागर भाई!!

8 टिप्पणियां:

parul k 10/06/2007 03:34:00 PM  

सचिन दा का गाया ये गीत……बहुत सुंदर्………बहुत शुक्रिया ।

मीनाक्षी 10/21/2007 07:53:00 AM  

बहुत प्यारा गीत जिसे सुनकर आँखे नम न हो..यह हो नहीं सकता...
बहुत बहुत शुक्रिया...

Kiran 10/26/2007 03:12:00 AM  

I really liked ur post, thanks for sharing. Keep writing. I discovered a good site for bloggers check out this www.blogadda.com, you can submit your blog there, you can get more auidence.

vimal verma 11/06/2007 04:33:00 AM  

क्या बात है अच्छा लगा आपके यहां आकर, हम मिलते रहेंगे, अच्छा काम कर रहे हैं शुक्रिया

chavanni 11/07/2007 05:26:00 AM  

yahan to aana padega chavanni ko.bahut achchha blog hai aap ka.gilhari wali tasveeren achchhi lagi.

रवीन्द्र प्रभात 11/09/2007 12:32:00 AM  

बहुत सुंदर गीत!शुक्रिया....।
तम से मुक्ति का पर्व दीपावली आपके पारिवारिक जीवन में शांति , सुख , समृद्धि का सृजन करे ,दीपावली की ढेर सारी बधाईयाँ !

prabhakar 11/09/2007 01:28:00 AM  

धन्यवाद ऐसे गीत सुनाने का...
और साथ ही
दीवाली की शुभकामनायें

सागर नाहर 10/19/2008 09:32:00 AM  

मलकीत सिंह का गीत सुना कर तो आपने सचमुच रुला दिया...
फिलहाल लिखने के लिये इससे ज्यादा शब्द नहीं है। आंखे नम है। फिर कभी बात करेंगे।

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