Sunday, October 19, 2008

बोस्टन यात्रा

द्वितीय विश्व युद्ध के समय सहयोगी सेनाओं के सामने एक कठिन समस्या थी कि सैनिकों और युद्ध सामग्री को उन सभी स्थानों पर कैसे पहुंचाया जाये जहाँ या तो बंदरगाह नहीं है या फिर बरबाद कर दिये गये हैं? आवश्यकता की पूर्ति के लिये एक ऐसे वाहन का निर्माण किया गया जो कि ट्रक भी था और नाव भी - और इसे नाम दिया गया DUKW (DUCK) या बतख!
कई शहरों में इन बतखों का प्रयोग अब पर्यटक वाहन के रुप में किया जाता है। बोस्टन शहर की एक बतख

(चित्र विकीपिडिया से साभार)

इस बतख यात्रा के दौरान खींची कुछ तस्वीरें -

दूध की बोतल

और चाय की केतली


Posted by Picasa

2 टिप्पणियां:

Vivek Gupta 10/19/2008 09:28:00 PM  

सुंदर चित्र | अपने ब्लाग पर हिन्दी राईटर भी लगाइए | आपके पाठकों को सुविधा होगी |

Gyandutt Pandey 10/20/2008 02:47:00 AM  

बड़ी अच्छी नजर है आपकी कैमरे से देखती।
यह गतिविधि बनाये रखें।

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